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आयकर अधिनियम की धारा 80C क्या है? इस से टैक्स में कैसे छूट मिलती है

आयकर अधिनियम की धारा 80C क्या है? देश में बहुत से नौकरीपेशा लोग जो इनकम टैक्स के दायरे में आते हैं कई बार उन्हें इनकम टैक्स के भुगतान से जुड़े सारे नियमों के बारे में पता नहीं होने के कारण वह यह नहीं जान पाते की इनकम टैक्स के कई नियम और कानून ऐसे भी हैं, जो आपके टैक्स देनदारी को बहुत कम या खत्म भी कर सकते हैं। जी हाँ यहाँ हम बात कर रहे हैं इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C और इससे संबंधित धाराएं 80CCC एवं 80CCD की जिसके तह किसी भी तरह की निवेश और

फॉर्म 16 क्या होता है? इसका उपयोग कहा होता है? कैसे डाउनलोड करें, भरें और अपलोड करें

यदि आप एक नौकरीपेशा व्यक्ति हैं और टैक्स के दायरे में आते हैं तो आपके लिए फॉर्म 16 के बारे में जानना बेहद ही जरुरी है। फॉर्म 16 नियोक्ता/कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किया जाने वाला एक प्रमाण पत्र है, जिसे वेतन प्रमाण पत्र के नाम से भी जानते हैं। इसमें किसी विशेष वित्तीय वर्ष में कंपनी या नियोक्ताओं द्वारा कर्मचारी को दिए गए वेतन और वेतन पर काटे गए टीडीएस की संपूर्ण जानकारी होती है। आपको बता दें किसी भी कंपनी को अपने कर्मचारी की मासिक आय देते समय उस पर हर तिमाही में टीडीएस की कटौती

SBI नेट बैंकिंग का पासवर्ड कैसे बदलें? जानें ये आसान तरीके

SBI नेट बैंकिंग का पासवर्ड कैसे बदलें? देश के कई बैंकों की तरह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) भी अपने ग्राहकों को नेट बैंकिंग की सुविधा प्रदान करता है, ऑनलाइन नेट बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध होने से बैंक संबंधी कार्य जैसे ऑनलाइन फंड ट्रांसफर, बैलेंस इन्क्वायरी, बिल भुगतान आदि करना बेहद ही आसान और सुविधाजनक हो गया है। इससे न केवल लोग अपने समय की बचत कर पाते हैं बल्कि आवश्यकता पढ़ने पर ऑनलाइन एक खाते से दूसरे खाते में समय पर पैसे का ट्रांजेक्शन भी आसानी से कर पाते हैं। नेट बैंकिंग के जरिए की गई हर ट्रांजेक्शन

बियरर चेक क्या है? इसका उपयोग कहाँ होता है? ऑर्डर चेक से बियरर चेक अलग कैसे होता है?

चेक, धारक को उसमें लिखी गई राशि के भुगतान की गारंटी देता है। जिसके लिए बैंक चेक के भुगतान से पूर्व चेक की तारीख, राशि, खाताधारक के हस्ताक्षर (Signature) और लाभार्थी के नाम की जांच करता है। यदि इनमे से कोई भी जानकारी गलत लिखी गई होगी तो बैंक आपका चेक भुगतान हेतु स्वीकार नहीं करेगा। खाताधारक Bearer Cheque जारी करके बैंक को यह निर्देश देता है कि चेक में लिखी गई राशि का भुगतान खाताधारक के खाते से चेक धारक को कर दिया जाए। चालू खाताधारक (Current Account Holder) और बचत खाताधारक (Saving Account Holder) दोनों ही चेक

SBI ATM PIN कैसे जनरेट करें?

SBI ATM PIN कैसे जनरेट करें: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपने ग्राहकों को कई तरह की बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करता है, जिनके जरिए नागरिक ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के साथ-साथ अपने बैंक अकाउंट बैलेंस की जांच भी घर बैठे आसानी से कर सकते हैं। समय की कमी होने के कारण लोग ऑनलाइन शॉपिंग, इंटरनेट बैंकिंग आदि के जरिए बैंक जाए बिना ही अपने सभी वित्तीय कार्य कर पा रहे हैं। ऐसे में एसबीआई के ग्राहक जिन्होंने बैंक में नया अकाउंट खुलवाया है और वह वित्तय ट्रांजेक्शन के लिए अपने एटीएम या डेबिट कार्ड के जरिए अपने अकाउंट से पैसों की

RTGS क्या है? RTGS से फंड ट्रांसफर कैसे करें?

आज के डिजिटल जमाने में ऑनलाइन बैंकिंग की सुविधा उपलब्ध होने से अब पैसों के ट्रांजेक्शन बेहद ही आसान हो गया है, इससे लोग अपने समय की बचत कर बैंक जाए बिना ही एक बैंक से दूसरे बैंक में पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं। ऑनलाइन पैसे ट्रांजेक्शन के लिए वैसे तो कई विकल्प मौजूद हैं, ऐसे में छोटी ट्रांजेक्शन के लिए आप किसी भी यूपीआई ऐप या किसी अन्य विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन बड़ी ट्रांजेक्शन के लिए इंटर-बैंक ट्रांसफर के तहत काम करने वाले सिस्टम जैसे NEFTऔर RTGS एक बेहतर विकल्प है, आपको बता दें आरटीजीएस

SBI Debit Card Apply Online: एसबीआई बैंक डेबिट कार्ड कैसे अप्लाई करे

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपने ग्राहकों को कई तरह की सुविधाएं प्रदान करता है, ऐसी ही एक सुविधा के माध्यम से बैंक ग्राहकों को निजी खर्चे के लिए पैसों की जरुरत पड़ने पर उन्हें उनके अकाउंट से बिना बैंक जाए पैसे निकालने की सुविधा देने के लिए बैंक एसबीआई डेबिट कार्ड या एटीएम कार्ड की सुविधा देता है। एसबीआई बैंक ग्राहकों के लिए विभिन्न प्रकार के डेबिट कार्ड प्रदान करता है, बैंक के विभिन्न डेबिट कार्ड में ग्राहकों को अलग-अलग ट्रांजेक्शन और निकासी सीमाओं का लाभ मिलता है। ऐसे में यदि आप भी एसबीआई बैंक के ग्राहक हैं

ITR (इनकम टैक्स रिटर्न): क्या है इनकम टैक्स का नया स्लैब, ऑनलाइन टैक्स फाइल करने की प्रक्रिया

ITR (इनकम टैक्स रिटर्न): दोस्तों जैसा की आपने कभी न कभी तो इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) का नाम सुना ही होगा, इनकम टैक्स रिटर्न वह प्रपत्र है, जिसे व्यक्ति द्वारा अपनी आय और टैक्स की जानकारी भरकर इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को दिया जाता है। आज के समय में हर व्यक्ति को अपनी आय की जानकारी आयकर विभाग को देनी होती है, जिसके माध्यम से सरकार व्यक्ति से उसकी आय पर टैक्स लेती है, हालांकि इस टैक्स दायरे में वह लोग आते हैं, जिनकी कुल आय 2.5 लाख रूपये या इससे अधिक होती है। ऐसे लोगों के लिए इनकम

इंडियन बैंक अकाउंट बैलेंस इन्क्वायरी: टोल-फ्री नंबर, SMS, नेट बैंकिंग और ATM द्वारा

आज के डिजिटल जमाने में सभी बैंक नागरिकों को ऑनलाइन घर बैठे ही बैंकिंग सेवाओं का लाभ प्राप्त करने के सुविधा प्रदान करते हैं, जिसके जरिए ग्राहक बैंकिंग सेवाओं के जरिए सेविंग अकाउंट, करेंट अकाउंट, लोन आदि का लाभ आसानी से उठा सकते हैं। ऐसी ही सुविधा इंडियन बैंक जो भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है, यह अपने ग्राहकों को ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं के साथ अकाउंट बैलेंस इन्क्वायरी करने की भी सुविधा प्रदान करता है। इससे इंडियन बैंक के ग्राहक मोबाइल नंबर, एसएमएस, एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग आदि के जरिए अपने बैंक बैलेंस की जांच कर सकेंगे। ऐसे

SBI अकाउंट से आधार को कैसे लिंक करें

SBI अकाउंट से आधार को कैसे लिंक करें: यदि आपका बैंक अकाउंट स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है और आपने अभी तक अपने एसबीआई अकाउंट से आधार को लिंक नहीं किया है तो अब आप आसानी से घर बैठे ही बैंक अकाउंट से आधार को लिंक करवा सकेंगे। भारत सरकार की और से कई योजनाओं के तहत मिलने वाली सब्सिडी और अन्य कई कारणों के को देखते हुए आधार को बैंक खाते से जोड़ना अनिवार्य किया गया है, आपको बता दें आधार को बैंक खाते से कई तरीकों से बिना कोई चार्ज दिए लिंक किया जा सकता है, इसके

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