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बागेश्वर बाबा को किसने चुनौती दी? कौन है वो शख्स?

बागेश्वर बाबा को किसने चुनौती दी? देश के सबसे धार्मिक स्थलों में से एक मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम एक प्रसिद्ध बालाजी (हनुमान जी) मंदिर के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी आए-दिन मीडिया की सुर्ख़ियों के बने हुए हैं। दरअसल महाराज जी को लेकर कुछ लोगों ने अंधविश्वास को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है, जिससे बागेश्वर धाम को लेकर इन दिनों काफी विवाद बने हुए हैं। इस लेख के माध्यम से हम आपको बागेश्वर बाबा को किसने चुनौती दी? इससे संबंधित संपूर्ण जानकारी प्रदान करेंगे, इसके लिए आप लेख को पूरा अवश्य पढ़ें।

बागेश्वर बाबा को किसने चुनौती दी? कौन है वो शख्स?

जाने बागेश्वर बाबा को किसने चुनौती दी?

बागेश्वर धाम को लेकर इन दिनों हो रही चर्चा में धाम के गुरूजी धीरेंद्र शास्त्री जी द्वारा भक्तों के बिना बताए ही उनकी समस्या के समाधान करने को लेकर किए जाने वाले चमत्कारों पर महाराष्ट्र में अंधविश्वास उन्मूलन समिति के राष्ट्रीय समन्वयक श्याम मानव ने धीरेंद्र शास्त्री जी को चुनौती दी है।

अंदश्रद्धा निर्मूलन समिति द्वारा महाराज को दी गई चुनौती में यह कहा की यदि वो लोगों का दिमाग पढ़ लेने के अपने दावे को साबित करते हैं, तो उन्हें 30 लाख रूपये का इनाम दिया जाएगा। हालाँकि महाराज जी ने इस चुनौती को स्वीकार नहीं किया और वह इस कार्यक्रम को छोड़कर चले गए। महाराज जी को चुनौती देने के बाद से यह विवाद बढ़ता ही जा रहा है।

इसे भी पढ़ें – बागेश्वर धाम में टोकन कब मिलेगा? जाने नए टोकन के बारे में

कौन हैं श्याम मानव

इन दिनों बागेश्वर धाम गुरूजी धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी के चमत्कारों पर सवाल उठा रहे श्याम मानव भी सुर्ख़ियों में बने हुए है। श्याम मानव जो महाराष्ट्र के एक चर्चित अंध-विश्वास विरोधी कार्यकर्ता हैं, यह सम्मोहन विशेषज्ञ और विचारक के रूप में भी जाने जाते हैं। श्याम मानव का जन्म 9 सितंबर, 1961 को महाराष्ट्र के वर्धा जिले के देवली में हुआ था। इनके पिता ज्ञानदेव भी कुछ समय के लिए विनोबा भावे के निजी सहायक थे और वह गांधीवादी थे वहीं इनकी माता कमल एक शिक्षिका थी।

इनकी शिक्षा की बात करें तो अंग्रेजी साहित्य डिग्री प्राप्त श्याम मानव जी ने एक गाँव के कॉलेज में अंग्रेजी का अध्यापन किया है वहीं कॉलेज के दौरान, वह तरुण शांति देना और जयप्रकाश नारायण की छात्र युवा संघर्ष वाहिनी में भी शामिल थे।

श्याम मानव की आयु लगभग 60 वर्ष हो चुकी है और यह देश में अंधविश्वास फैलाने वाले को जेल भेजते हैं। यह पर्सनेलिटी डेवलपमेंट क्लास लेते हैं। इनका कार्य आत्मा-सम्मोहन के माध्यम से पर्सनेलिटी डेवलपमेंट की कार्यशालाऐं करने और अनेकों लोगों को आत्म-सम्मोहन की कला सीखाना है, जो इन्होने कई लोगों को सिखाई है।

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