स्वामित्व योजना क्या है – PM Swamitva Yojana लाभ, पात्रता ऑनलाइन पंजीकरण

PM Swamitva Yojana का उद्देश्य, पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार, राज्‍य के राजस्‍व विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक का उपयोग करते हुए,ग्रामीण आबादी के आवासीय अधिकार अभिलेख तैयार करना है। इसका लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण गृह मालिक को मालिकाना दस्तावेज देकर देश के गावों की आर्थिक प्रगति को सक्षम बनाना

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Reported by Praveen Singh

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PM Swamitva Yojana का उद्देश्य, पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार, राज्‍य के राजस्‍व विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से ड्रोन सर्वेक्षण तकनीक का उपयोग करते हुए,ग्रामीण आबादी के आवासीय अधिकार अभिलेख तैयार करना है। इसका लक्ष्य प्रत्येक ग्रामीण गृह मालिक को मालिकाना दस्तावेज देकर देश के गावों की आर्थिक प्रगति को सक्षम बनाना है। इस योजना का शुभारम्भ माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 24 अप्रैल 2020 को देश में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया था। 24 अप्रैल 2020 को ही हमारे देश में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस भी मनाया जाता रहा है। इस योजना को पहले चरण में प्रायोगिक तौर पर अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक के लिए लागू किया गया।

PM Swamitva Yojana

एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इस योजना को देश के 9 राज्यों में लागू किया गया था। जिसके अंतर्गत हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान और आंध्र प्रदेश राज्य शामिल थे। इस योजना के सफलता के उपरांत दूसरे चरण में 24 अप्रैल 2021 राष्ट्रीय स्तर पर इसे देश के अन्य सभी राज्यों में लागू किया जा चुका है। इस योजना के दूसरे चरण की शुरुवात अप्रैल 2021 से हुई है। मार्च 2025 तक इस योजना को पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। दिसम्बर 2022 तक 203118 गावों का ड्रोन द्वारा सर्वे का कार्य पूर्ण किया जा चुका है।

Table of Contents

पीएम स्वामित्व योजना का उद्देश्य

हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वामित्व योजना की शुरुवात निम्नलिखित दूरगामी उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किया है

  1. स्पष्ट, प्रभावी और सटीक भूमि रिकॉर्ड बनाकर कुशल ग्रामीण नियोजन करना
  2. संपत्ति संबंधी विवादों में कमी लाने में मदद करना
  3. बैंक ऋण प्राप्त करने के लिए संपत्ति कार्ड प्रदान करना
  4. मानचित्रण और स्थानीय सेवाओ के लिए केंद्रों का राष्ट्रव्यापी नेटवर्क स्थापित करना
  5. ग्राम पंचायत के विकास हेतु गुणवत्तापूर्ण योजनाएँ तैयार करने में लोगों की सहायता करना
  6. ग्राम पंचायतों में संपत्ति कर के निर्धारण में सहायता करना
  7. ग्रामीण क्षेत्रों का सीमांकन ड्रोन की सहायता से किया जाएगा।

स्वामित्व योजना का पूरा नाम क्या है? (What is the full form of SWAMITVA Scheme)

जैसा कि नाम से स्पष्ट है कि PM Swamitva Yojana का मतलब ग्रामीण भारत के भूमि स्वामियों को उनके जमीन के मालिकाना (स्वामित्व सम्बन्धी) दस्तावेज प्रदान करने से है। स्वामित्व शब्द अंग्रेजी के SWAMITVA शब्द का हिंदी रूपांतरण है। इसका पूरा नाम Survey of Villages Abadi and Mapping with Improvised Technology in Village Areas है। हिंदी भाषा में स्वामित्व योजना का पूरा नाम “ग्रामों का सर्वेक्षण और क्षेत्रों में तात्कालिक प्रौद्योगिकी के साथ मानचित्रण” है।

PM SWAMITVA Yojana Highlights

योजना का नाम पीएम स्वामित्व योजना
मंत्रालय केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय
उद्देश्य विषम परिस्थितियों में लोन की उपलब्धता सुनिश्चित करना
घोषणा माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा
आरंभ तिथि 24 अप्रैल 2020 को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुभारम्भ
24 अप्रैल 2021 राष्ट्रीय स्तर पर लागू
वेबसाइट https://svamitva.nic.in/

प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के लाभ

पंचायती राज संस्थानों का क्षमता निर्माण पंचायती राज मंत्रालय की प्रमुख गतिविधियों में शामिल है। मंत्रालय पंचायती संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए तकनीक आधारित और संस्थागत समर्थन प्रदान कर रहा है। PM Swamitva Yojana के अंतर्गत अंतर-मंत्रालयी और बहुक्षेत्रीय समन्वय के लिए समर्थन भी शामिल है। जिससे ग्रामीण भारत को शक्तिसम्पन्न और खुशहाल बनाया जा सके। प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना से ग्राम पंचायतों और नागरिकों को समान रूप से लाभ होगा।

स्वामित्व योजना से पंचायतों को लाभ

पीएम स्वामित्व योजना से हमारी ग्राम पंचायतों को निम्नलिखित लाभ होगा

  • इससे संपत्ति कर के दायरे में आना और ग्राम पंचायतों द्वारा कर संग्रह करना संभव होगा
  • इस कर से प्राप्त आय से ग्राम पंचायत ग्रामीण नागरिकों को बेहतर सुविधा दे पायेगी
  • ड्रोन की सहायता से ग्राम पंचायतों के पास गाँव का सुविधाजनक मानचित्र का रिकॉर्ड उपलब्ध होगा
  • उपलब्ध रिकॉर्ड का उपयोग कर वसूली में, भवन निर्माण हेतु परमिट जारी करने में, अवैध कब्ज़ा समाप्त करने आदि के लिए किया जा सकता है

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Swamitva योजना से नागरिकों को लाभ

उच्च गुणवत्ता सर्वेक्षण ग्रेड यूएवी/ ड्रोन 1:500 के पैमाने पर +/- 5 सेमी की सटीकता के साथ मानचित्र तैयार करने में सक्षम बनाता है। इस योजना का दायरा देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक विस्तृत होगा। जिससे देश के नागरिकों को भी निम्नलिखित लाभ मिलेगा।

  • इस योजना से सम्पत्ति के मालिक को मालिकाना हक प्राप्त होगा
  • मालिकाना हक़ के द्वारा ग्रामवासी अपनी संपत्ति का उपयोग वित्तीय रूप में कर सकेंगे अर्थात इसके द्वारा आवश्यकता पड़ने पर आसानी से बैंक द्वारा ऋण (लोन) प्राप्त कर सकेंगे
  • इससे गाँव के आवासीय क्षेत्र का रिकॉर्ड पंचायत को प्रदान कर सकेंगे
  • इसमें ड्रोन की सहायता से सम्पत्ति के स्पष्ट आंकलन एवं स्वामित्व का निर्धारण होने से उनके मूल्य में वृद्धि होगी
  • इससे जमीन के बटवारे से सम्बंधित विवाद में बहुत कमी आएगी

स्वामित्व योजना के सकारात्मक प्रभाव

क्रम संख्या प्राथमिक उद्देश्य स्वामित्व के पहले स्वामित्व के बाद
1 बैंकों द्वारा ग्रामीण संपत्ति के स्वामित्व के प्रमाण की मान्यता और वैद्यता अत्यधिक ब्याज दरों वाले स्थानीय साहूकारों पर निर्भरता बैंक मानक प्रथाओं के अनुसार ऋण (लोन) देने के लिए उत्तरदायी
2 संपत्ति संबंधी विवादों और कानूनी मामलों में कमी के लिएसंपत्ति कार्ड न होने के कारण विवादतकनीकी रूप से अपडेट स्वामित्व रिकॉर्ड के द्वारा अधिक से अधिक सामाजिक सुरक्षा (Social Security)
3 सर्वेक्षण के बुनियादी ढांचे की मदद करना जमीनी कार्य के आधार पर काम की निगरानी पंचायत तथा विभाग आसानी से अपने विकास की योजना बना सकते हैं
4 संपत्ति कर के निर्धारण में सहायताकई राज्यों में संपत्ति-कर संग्रह का निम्न स्तरपंचायतों द्वारा संपत्ति करों के सुव्यवस्थित संग्रह से गांवों का सशक्तिकरण

PM Swamitva Yojana के स्टेकहोल्डर्स

  • पंचायती राज मंत्रालय
  • सर्वे ऑफ़ इंडिया
  • भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS)
  • राज्य के राजस्व विभाग
  • राज्यों के पंचायती राज विभाग
  • स्थानीय जिला प्रशासन
  • संपत्ति का मालिक
  • ग्राम पंचायत
  • राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केन्द्र (NIC)

पीएम स्वामित्व योजना के संपत्ति कार्ड का विभिन्न राज्यों में प्रचलित नाम

PM Swamitva Yojana के अंतर्गत प्राप्त होने वाले रिकॉर्ड को देश के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग नाम से जाना जाता है। देश के कुछ प्रमुख राज्यों में इसके प्रचलित नाम निम्नलिखित हैं

क्रम संख्या राज्य का नाम मालिकाना हक के दस्तावेज का प्रचलित नाम
1छत्तीसगढ़ अधिकार अभिलेख
2गोवा प्रॉपर्टी रजिस्टर
3गुजरात प्रॉपर्टी कार्ड
4हिमांचल प्रदेश संपत्ति अधिकार प्रमाण पत्र
5असम स्वामित्व कार्ड
6जम्मू -कश्मीर & लद्दाख प्रॉपर्टी कार्ड
7उड़ीसा Record of Rights उड़िया भाषा में खतियाना
8पॉन्डिचेरी Rural Property Ownership Card
9मिजोरम प्रॉपर्टी कार्ड
10हरियाणा स्वामित्व अधिकार पत्र
11कर्नाटक रूरल प्रॉपर्टी ओनरशिप रिकॉर्ड्स (Rural Property Ownership Records- RPOR)
12मध्य प्रदेश अधिकार अभिलेख (Adhikar Abhilekh)
13महाराष्ट्र मालमत्ता पत्रक (सनद)
14उत्तराखंड ग्रामीण आबादी स्वामित्व अभिलेख (Svamitva Abhilekh)
15उत्तर प्रदेश ग्रामीण आवासीय अभिलेख – घरौनी (Gharauni)

ग्रामीण स्तर पर ड्रोन सर्वे का स्टेटस कैसे देखें? Village Level Drone Flying Status

स्टेप-1 सर्वप्रथम योजना की ऑफिसियल वेबसाइट https://svamitva.nic.in/ को अपने ब्राउज़र पर ओपन करें।

स्टेप-2 अब होमपेज पर सबसे ऊपर GIS Dashboard पर क्लिक करें जैसा कि नीचे चित्र में दिखाया गया है।

GIS Dashboard

स्टेप-3 इसके बाद आपके सामने जो पेज खुलकर आएगा। उसमें सबसे पहले अपने राज्य का नाम का नाम चुनें फिर अपने जिला के नाम का चयन करें इसके पश्चात् अपनी तहसील के नाम का चयन करें। अब आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर उस तहसील के सभी गावों का नाम (Alphabetical क्रम में) और ड्रोन सर्वे के स्टेटस दिखाई देगा जिसमे आप अपने गाँव का नाम खोज सकते हैं। अब आपके सामने उस गाँव के ड्रोन सर्वे का स्टेटस दिखाई देने लगेगा। आपकी बेहतर सहायत के लिए नीचे इमेज की दिखाया गया है।

Drone Flying Status

स्टेप-4 अथवा स्टेप 1 और 2 को फॉलो करने के पश्चात् सर्वप्रथम अपने राज्य का नाम, जिला का नाम और तहसील का नाम चुनना है। इसके बाद सबसे अंत में राज्य के नाम के ऊपर Search Box में अपने गाँव का नाम टाइप करें जिसके ड्रोन सर्वे के स्टेटस की आपको जानकारी चाहिए।

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राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रॉपर्टी कार्ड फॉर्मेट कैसे डाउनलोड करें Property Card Format of States & UTs

स्टेप-1 सबसे पहले PM Swamitva Yojana की ऑफिसियल वेबसाइट https://svamitva.nic.in/ को ओपन करें।

स्टेप-2 अब होमपेज पर Downloads ऑप्शन कर क्लिक करें। और आपकी स्क्रीन पर जो ऑप्शन खुलकर आएंगे उनमे सबसे नीचे Property Card Format of States & UTs पर क्लिक करें। जैसा कि नीचे दर्शाया गया है।

Property Card Format Download Link

स्टेप-3 अब आपके सामने जो पेज खुलकर आएगा उसमे राज्यों के नाम की सूची खुलकर आएगी और उसके सामने उस राज्य के प्रॉपर्टी कार्ड डाउनलोड लिंक बना रहेगा। आप जिस भी राज्य का प्रॉपर्टी कार्ड फॉर्मेट देखना चाहते हैं उसके सामने Download पर क्लिक करें। जैसा की नीचे इमेज में दिखाया गया है।

Property Card Format of States UTs

स्टेप-4 डाउनलोड पर क्लिक करने के पश्चात् आपकी स्क्रीन पर प्रॉपर्टी कार्ड का फॉर्मेट खुलकर आ जायेगा। जिसे आप प्रिंट भी कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश राज्य का नमूना संपत्ति कार्ड इस प्रकार होगा जैसा कि नीचे इमेज में दिखाया गया है।

Uttar Pradesh Property Card Format

स्वामित्व योजना हेतु ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

प्रिय पाठकों PM Swamitva Yojana में ई-ग्राम स्वराज पोर्टल को भी जोड़ दिया गया है। जिसमे विभिन्न सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। इस पोर्टल को पंचायती राज मंत्रालय द्वारा संचालित किया जायेगा। सम्मानित पाठकों आपको बता दें कि पीएम स्वामित्व स्कीम में कोई भी ऑनलाइन आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है। केंद्र और राज्य सरकारें मिशन मोड में इस कार्यक्रम को चला रही हैं। सरकार इस योजना के निर्धारित लक्ष्य 2025 से पूर्व ही सभी देशवासियों को स्वामित्व योजना का संपत्ति कार्ड उनके घर तक पहुंचा देगी। सरकार डिजीलॉकर एप पर भी संपत्ति कार्ड उपलब्ध करा रही है। इस योजना द्वारा प्रॉपर्टी कार्ड कैसे बनाया जाता है उसकी जानकारी आपको नीचे दी जा रही है।

  • सबसे पहले गाँव का नक्शा Survey of India (SOI) को स्कैनिंग के लिए दिया जायेगा।
  • SOI सर्वेरी पत्थर (सेहदा या सिहद्दा) की सहायता से सम्बंधित गाँव की बाउण्ड्री कायम करेगा। तथा इसके बाद अपने कोऑर्डिनेट्स स्थापित करेगा जो Coordinates Survey of India द्वारा दिए गए हैं। राजस्व विभाग के कर्मचारियों द्वारा सर्वेरी पत्थर की सहायता से पैमाइश करके मिलान किया जायेगा। जिससे कि कोई अंतर न रहे और इसकी जांच पड़ताल सुनिश्चित की जा सके। Coordinates की जांच पड़ताल के बाद SOI के कर्मचारी सीमांकन करेंगे तथा बाद में राजस्व विभाग के कर्मचारियों से भी सीमांकन की अपेक्षा की गई है। दोनों विभागों द्वारा आकड़े मिलाने के बाद स्थानीय भौतिक निरीक्षण किया जायेगा। इसके पश्चात् आगे की कार्यवाही की जाएगी।
Sihadda
  • अब पंचायत विभाग, पंचायती राज एक्ट 1994-95 की धारा 26 के अधीन प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करके आबादी के नक़्शे को तैयार करने का प्रस्ताव पास करेगा।
  • अब SOI ड्रोन द्वारा आबादी के रास्ते/ प्लाट/ बिल्डिंग/ खाली जमीन/ सरकारी जमीन इत्यादि की मैपिंग करेगा। ड्रोन मैपिंग से जिन-जिन प्रॉपर्टी की पहचान हुई है उसके कोड नंबर, नक्शा और फील्ड बुक तैयार करेगा।
Identified Property Field Book
  • इसके बाद पंचायत विभाग गाँव के आमलोगों से इस पर आपत्तियां आमंत्रित करेगा। आपत्तियां दर्ज कराने की समय सीमा 30 दिन है।
  • आपत्तियों का निस्तारण होने के बाद पंचायत विभाग सर्वे रिपोर्ट को अनुमोदन हेतु सम्बंधित विभाग को भेजेगा। जिसके बाद PM Swamitva Yojana का संपत्ति कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

PM Swamitva Yojana में सम्पत्ति कार्ड में आपत्तियाँ कैसे दर्ज करें?

ड्रोन सर्वे के बाद सर्वे ऑफ़ इंडिया द्वारा मैप आईडी नंबर सहित पंचायत विभाग को सौपा जायेगा। इसकी सहायता से पंचायत विभाग ग्राउण्ड लेवल पर मिलान करेगा। जैसे आबादी के रास्ते/ प्लाट/ बिल्डिंग/ खाली जमीन/ सरकारी जमीन इत्यादि। इसमें जमीन पर वास्तविक कब्ज़ा धारक की स्थिति की जांच की जाएगी और उसके चारो दिशाओं में स्थित सम्पत्ति की स्थिति का भी निरीक्षण करके उसका विवरण और फील्ड बुक तैयार की जाएगी।

उपरोक्त काम पूरा करने के बाद ग्राम सभा के आम जन से इस पर आपत्तियां माँगी जाएगी। जिसकी समय सीमा 30 दिन की होगी जिसके अंतर्गत ग्रामीणों को अनिवार्य रूप से अपनी आपत्तियां दर्ज करानी होगी। आपत्तियों को सुनकर ग्रामसभा द्वारा निर्णय लिया जायेगा। इसके बाद ग्राम पंचायत और Survey of India अपने रिकार्ड्स में दर्ज कराएंगे। आपत्तियों के निस्तारण सम्बन्धी अंतिम निर्णय का अधिकार जिलाधिकारी को दिया गया है। आपत्तियां निम्न प्रकार की हो सकती हैं

  1. किसी व्यक्ति का नाम, उसके पिता या पति का नाम गलत दर्ज हो
  2. यदि किसी को अपनी सीमाओं पर आपत्ति हो
  3. यदि किसी संयुक्त परिवार को एक ही ID दी गयी हो जबकि परिवार के सदस्य अलग अलग करवाना चाहते हो
  4. किसी व्यक्ति को संयुक्त परिवार की ID No. में शामिल न किया गया हो
  5. यदि किसी को अपनी जमीन के क्षेत्रफल पर आपत्ति हो
  6. किसी ID पर कब्ज़ा दो या इससे अधिक लोगों का हो और नाम केवल एक ही व्यक्ति का दर्ज हो गया हो
  7. कब्ज़ा किसी व्यक्ति का हो और नाम किसी अन्य व्यक्ति का दर्ज हो गया हो
  8. यदि किसी प्रॉपर्टी पर कोई विवाद माननीय न्यायालय में लंबित है या कोर्ट द्वारा स्टे प्राप्त है तो उस प्रॉपर्टी के ID नंबर पर विवादित भूमि दर्ज कराया जा सकता है। न्यायालय द्वारा निर्णय होने के बाद इसका निपटारा किया जायेगा

स्वामित्व स्कीम के सम्पत्ति कार्ड का स्टेटस कैसे चेक करें? How to cheak Prepared Property Card status of PM Swamitva Scheme?

प्रिय पाठकों आप नीचे दिए गए बहुत ही आसान स्टेप्स का पालन करके जान सकते हैं कि आपके गाँव की जमीन का सम्पत्ति कार्ड बन चुका है या नहीं। आइये उन स्टेप्स के बारे में बहुत ही आसान शब्दों में चित्र सहित आपको जानकारी देते हैं।

  • सबसे पहले इस योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://svamitva.nic.in/ पर जाएँ।
  • अब होमपेज पर नीचे की ओर स्क्रॉल करें जहाँ आपको Cards Prepared का ऑप्शन दिखेगा उसके नीचे बने + के निशान पर क्लिक करें जैसा की नीचे इमेज में दिखाया गया है
Cards Prepared Menu
  • इसके बाद आपके सामने जो पेज खुलकर आएगा उसमे क्रमशः अपने राज्य का नाम, जिला का नाम और अपनी तहसील का नाम चुनें
  • अब आपके सामने आपकी द्वारा चुनी गयी तहसील के सभी गाँवों के नाम की सूची खुलकर आ जाएगी। जो एक से अधिक पेज की हो सकती है। सबसे नीचे Next के बटन पर क्लिक करके आप गाँव के नामों की सभी सूची को देख सकते हैं। तथा अपने गाँव के सम्पत्ति कार्ड का स्टेटस देख सकते हैं। जिन गावों का प्रॉपर्टी कार्ड पहले से बन चुका है उनके नाम के आगे सही का निशान लगा रहेगा और सम्पत्ति कार्ड बनाने की तारीख भी लिखी रहेगी।
Property Card Status

स्वामित्व योजना का सम्पत्ति कार्ड कैसे डाउनलोड करें? How to Download Property Certificate (card) on DigiLocker App?

जो भी भूस्वामी अपना संपत्ति कार्ड डाउनलोड करना चाहते हैं वे आसानी से अपना कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं लेकिन वही भूस्वामी अपना कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं जिनके मोबाईल पर भारत सरकार द्वारा मेसेज से एक लिंक प्राप्त हुआ होगा। इस लिंक द्वारा ही सम्पति कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। जिनके फोन में ये लिंक आएगा वे नीचे दिए गए कुछ स्टेप्स को फॉलो करके अपना संपत्ति कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं

  • सबसे पहले आपको अपने मोबाइल के इनबॉक्स में जाकर केन्द्र सरकार द्वारा प्राप्त मैसेज के लिंक को खोजना है।
  • उसके पश्चात दिए हुए लिंक पर क्लिक करें।
  • लिंक पर क्लिक करने के बाद आपको अपना नाम पता और अपनी संपत्ति का विवरण दिखेगा। और उसके नीचे प्रॉपर्टी कार्ड डाउनलोड का ऑप्शन दिखेगा जहां से आप अपना संपत्ति कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
  • वर्तमान में भारत सरकार की तरफ से इस योजना के अंतर्गत जमीन मालिकों को एक एसएमएस भेजा जा रहा है। लेकिन कुछ समय बाद राज्य सरकारें स्वयं ही आपके घर आकर कार्ड वितरण करेगी।
  • कुछ समय बाद राज्य सरकारें स्वयं ही आपके घर आकर कार्ड वितरण करेगी।

डिजीलॉकर एप पर सम्पत्ति कार्ड कैसे डाउनलोड करें?

PM Swamitva Yojana का सम्पत्ति कार्ड अब डिजिलॉकर ऐप में उपलब्ध हैं। लाभार्थी अब डिजीलॉकर ऐप के माध्यम से संपत्ति कार्ड देख सकते है और सम्पत्ति कार्ड को डाउनलोड भी कर सकते हैं। इसके लिए आपको निम्नलिखित स्टेप्स का पालन करना होगा।

  • सबसे पहले अपने मोबाइल में प्ले स्टोर से Digi Locker एप को डाउनलोड और इंस्टॉल करें।
  • इसके बाद एप को ओपन करें और सबसे नीचे Get Started के बटन पर क्लिक करें।
  • अब आपके सामने जो पेज खुलकर आएगा उसमे Create Account के बटन पर क्लिक करें। और उसमे अपना आधार के अनुसार नाम, जन्म तिथि, लिंग, मोबाइल नम्बर (जो मोबाइल नंबर आधार में दर्ज है), अपना नया पिन (पासवर्ड) और आधार नंबर भरकर Submit बटन पर क्लिक करें।
DigiLocker Registration
  • इसके बाद अपने मोबाइल पर प्राप्त OTP दर्ज करें। इस प्रकार Digi Locker पर आपका आपका पंजीकरण सफलता पूर्वक हो चुका है।
  • अब एप में सबसे नीचे Search के बटन पर क्लिक करें। अब एप में ऊपर की तरफ बने सर्च बॉक्स (Search for documents) में Property Card लिखकर सर्च करें। बेहतर सहायत के लिए नीचे इमेज में देखें
  • इसके बाद आपकी स्क्रीन पर सभी राज्यों के सम्पत्ति कार्ड का का लिंक दिखाई देगा उसमे अपने राज्य के नाम (Board of Revenue, राज्य का नाम लिखा रहेगा) के नीचे लिखे Property Card पर क्लिक करें।
DigiLocker Property Card Search
  • अब आपके सामने जो पेज खुलकर आएगा उसमे अपने जमीन यूनिक आईडी (Property Unique ID No.) लिखकर Get Document पर क्लिक करें। जिसके बाद आपकी स्क्रीन पर आपका Property Certificate दिखेगा।
Property Certificate
  • इस तरह से आप डिजीलॉकर (Digi Locker) एप पर सम्पत्ति कार्ड (Property Card) को डाउनलोड कर पाएंगे और उसका प्रिंटआउट भी ले सकते हैं।

प्रधानमंत्री द्वारा संपत्ति कार्ड वितरण का शुभारम्भ कब हुआ?

11 अक्टूबर 2020 को, योजना के पहले मील के पत्थर के रूप में, माननीय प्रधानमंत्री जी ने पायलट चरण के 6 राज्यों (महाराष्ट्र, कर्नाटक, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश) के 763 गांवों के संपत्ति कार्ड के भौतिक वितरण की शुरुआत की। जिसके अंतर्गत लगभग 1 लाख संपत्ति मालिकों को संपत्ति कार्ड का वितरण किया गया। 26 जनवरी 2021 को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड राज्य में भी संपत्ति कार्ड वितरण शुरू किया गया।

About the author

Praveen Singh

नमस्कार दोस्तों! मेरा नाम प्रवीण कुमार सिंह है और मै इस वेबसाइट का एडमिन और लेखक हूँ। मैंने 2011 में अपना बी.एड पूरा करने के बाद से ही ऑनलाइन लेखन का काम शुरू कर दिया था, और इस वेबसाइट का बनाने का उद्देश्य भी मेरा यही था कि मैं अपने लेखन से उन सभी लोगो की मदद कर सकूँ जो इंटरनेट पर कुछ जानकारी लेने आते हैं।

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